कविता कब होती है

 *कविता कब होती है*

कभी किनारे पर बैठ कर, जब साँझ अलविदा कहने को हो, आपने देखा है कि लहरें रेत पर एक खोई हुई प्रेयसी की तरह बार बार क्या लिखती व मिटाती रहती हैं । क्या डाल पर बैठे पंछी अपने कलरव से प्रकृति का भान कराते हैं या ऊपर बैठ कुछ बता रहे हैं जो विज्ञान ने हमारी आंखें खोल समझने योग्य नहीं छोड़ा। तारों पर दौड़ती बारिश की बूंदें क्या बच्चों जैसे एक ही स्थान पर कूदने की कोशिश करती हैं।

औऱ सूरज भीरु सा धीरे धीरे समंदर के तले से निकल पहाड़ों के पीछे छुपते छुपाते आसमान में आता है। पत्तों पर लिखीं सभी इबारतें पढ़ता है और उस दिन का फ़ैसला बड़ी संजीदगी से करना तय करता है पर बहुत लंबी फ़ेहरिस्त है काम की औऱ पूरा एक दिन भी नहीं उसके पास  सबको इंसाफ़ कैसे दे पायेगा जबकि बक़ाया मामलों में अभी सुनवाई भी नहीं शुरु हुई । मामले ऐसे ही मुंतवी होते रहते हैं। क्या कर सकता है सूरज ऐसे हालात में

क्यूँ दिनभर का थका हारा सूरज किस से मिलने के लिए इतना बेताब होने लगता है कि जल्दबाज़ी में वह अपना कुछ सोना समन्दर में पिघला हुआ छोड़ कर रोज़ उससे मिलने की फ़िराक़ में रहता है? ये हवायें जो ख़ुशबू लिए खेतों औऱ जंगलों से आती हैं क्या दरद से कुछ राहत देना चाहती हैं क्या बड़े शहरों का सुक़ून उंची ऊंची इमारतों की वज़ह से घट रहा है।

क्या नितप्रति आसमाँ में पहले पहुँच कर ध्रुव तारा टोह लेता है कि नन्हे नन्हे तारे आसमाँ में आने के लिए सुरक्षित हैं। पूरी रात सोनेवालों की रखवाली करता है ये चाँद जागनेवालों के लिए आसमाँ में दौड़धूप करता है। कैसे भी ग़म के मारों को नींद आ जाये इश्क़ में जगनेवालों के लिए हर वक़्त दुआ करता है। ये जब चाँद आसमाँ में नहीं होता हर तारा आपकी उम्मीद के सज़दे करता है ।

क्या किसी अनहोनी की आशंका से आसमान में बादल छा जाते हैं या बादलों के पर्दे के पीछे कोई दिव्य नाटक खेला जाता है। ये बादल बच्चों को क्यूँ सुंदर रूप में ढल बहलाते हैं और बड़ों को उनके भय बन डराते हैं। आपके अवचेतन से कभी बरसते हैं और कभी आप उनकी गढ़गढ़ाहत सुनने को तरसते हैं ।

क़ुछ ऐसे ही एहसासों के साथ मैं नित प्रति अपनी जीवन संगिनी के अनेक आयाम औऱ पहलुओं से वाबस्ता होता रहता हूँ। ऐसे में, मैं कविता कहता नहीं हूँ बस हो जाती है ।


⚓ अरविन्द 'साहिल'

Comments

  1. जी बहुत शुक्रिया

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  2. बहुत ही सुन्दर 👌👌👍👌👌💐💐👌👍👌💐👌👌💐👌👍💐💐👌👌

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    1. जी बहुत शुक्रिया🙏🌺

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