विवेचना रंगों की
*विवेचना रंगों की*
सखी मोहे श्याम रंग है भाये, फलां रंग आप पर ख़ूब जंचता है, मन मैला न करें, दिल काला है, तबियत हरी होना, गुस्से से लाल पीला होना इत्यादि
सही में तो हमारी प्रारंभिक सोच निर्मल जल सी होती है जैसा रंग उसमें मिलाते जाते हैं वैसा वो दिखाई देने लगता है कौन सा रंग मिला रहे हैं यह भी किस के संपर्क में आये और कितना प्रभावित हुए
इसका शिक्षा से नहीं आपके विवेक से इसका सम्बंध है आपके विवेक को शिक्षा कितना जागृत कर पाई या शिक्षा हमारी तर्क शक्ति को ही विकसित या/और विकृत कर पाई. क्या समय रहते हम त्वचा के रंग से कुत्सित सोच को बदल पाये या अंग्रेजी शासन में गोरे रंग से अभी भी जुड़े हैं
यदि आप गौर फरमायें तो पायेंगे कि दूध सा सफ़ेद रंग शांति से जोड़ा जाता, बर्फ़ जैसी निष्ठुरता से, कफ़न से, आँखों की सीमा बांधते कोहरे से, दूधिया उजाले से, रंग खोते रिश्तों में सफ़ेद होते ख़ून से, परिपक्वता व पकते बालों से जो चांदी से भी हो सकते हैं, पभु के चरणों में अप्रतिम प्रकाश से आदि
वहीँ काले रंग को अपराध, काले दिल से, दाल में काला से, खोट से, सूनसान काली रात के भय से, कज़रारे नयनों से, ज़ुल्फ़ों से, घटा से, कृष्ण कन्हैया से, कारी कामरिया से, काल से, शनि से, सन्नाटे से, अपार शांति से, रात में ख़्वाब से, नरक से भी जोड़ा गया है
मिटटी के रंग को समझें जिससे आप मैले हो सकते हैं जैसे 'आपके ख़ूबसूरत पांव देखे...... मैले हो जायेंगे', उसी मिटटी पर पहली बारिश की बूंदें सोंधी सी ख़ुशबू लिये उठतीं हैं, मिट्टी के आंगन रसोई और चूल्हे को गोबर से लीप कर भी जमीन से जुड़ा रहा जा सकता है, या पांवों की धूल, चरण रज़, जमीन को चूमना, मिटटी में मिला देना, जमीन से आसमाँ पर बिठा देना आदि विविध रंग व प्रकार हो सकते हैं
पहले मन में उत्पन्न की गई भावनाओं को बताया गया फिर उनमें रंग डाल दिया गया और फ़िर बार बार दोहराया गया ताकि वे रंग स्थाई हो जायें यहीं से आपके विवेक की शुरुआत हो सकती है या फिर उन्हीं रंगों के जाल में फंसे हुए कीट भी रह सकते हैं
या इक़ शायर से हो सकते हैं रंगों को नये रूप औऱ अर्थ देना - जहां न पहुंचे रवि वहां पहुँचें कवि
⚓ अरविन्द 'साहिल'

रंगो का सुन्दर विवेचन
ReplyDeleteबहुत धन्यवाद प्रिय मनोज जी🙏
ReplyDeleteबहुत सुंदर सटीक व्याख्या
ReplyDeleteजी बहुत शुक्रिया🙏🌺
DeleteVery effective and interesting interpretation of colours
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